Followers

Wednesday, April 29, 2015

मेरी आँखों का पानी समझो ।

इसको न नादानी समझो, मेरी आँखों  का पानी समझो ,
बह जाये  तो  ले डूबेगी , मेरी पीर  पुरानी समझो ।
जितना आँखे हस   देती है उतनी दूर रवानी समझो ,
उनको बतलाने की जिद में , खत्म  ये प्रेम कहानी समझो  ।
छोड़  दे माया मोह का बंधन , मुझको  वो  सन्यासी समझो ,
लम्बी छुट्टी पे  जाना चाहता, खुद को दूर सभी से पाता ,
तिनका तिनका मेरे जीवन का  , उस दुआ की एक रवानी समझो,
इसको न नादानी समझो, मेरी आँखों  का पानी समझो ।

तेरे आंसू में पीलूंगा , तेरी ख्वाहिस  में जीलूँगा ,
पिरो के पलकों में ये  खुशियाँ , तेरे दर्दो की सुध ले लूंगा
होठो पे जो महक है बाकि , मेरी एक निशानी समझो ,
इसको न नादानी समझो, मेरी आँखों  का पानी समझो ।

@silence must be heard 

No comments:

Post a Comment